मऊ। गोड़ विरादरी के लोगो के नाम गोंड जाति का प्रमाण पत्र बनाने का खेल अब भी तहसीलदार और लेखपाल की मिली भगत से खेला जा रहा हैं। जिसके प्रणाम स्वरूप कई ग्राम पंचायत मे तों तों कई राजस्व विभाग मे लेखपाल सहित शीर्ष पदों पर गलत तरीके से गोड़ जाति के लोग पदाशीन हो गए हैं। मऊ निवासी जिला विद्यालय निरीक्षक आजमगढ़ की तथ्य छुपा कर पाई गई नियुक्ति एक वांनगी भर हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले मे गोड़ जाति के लोगो के द्वारा गोंड बनकर राजस्व कर्मचारियों को साजिस मे लेकर बनाये जाने का खेल आज भी जारी हैं। सूत्रों पर यकीन करें तों 1 लाख रूपये मे जाति प्रमाण पत्र आज भी खुलेआम विभाग से जारी किया जा रहा हैं। हालांकि फर्स्ट इनफार्मेशन्स ने जन सुचना अधिकार अधिनियम के अनुसार समस्त तहसीलदारों से मांग की हैं।
जिला बिद्यालय निरीक्षक को पढने के लिए निचे लिखा को जल्द करें क्लिक
जाति बदलकर नौकरी करने वालों मे डीआईओएस आजमगढ़ उपेंद्र कुमार! का भी उछल रहा नाम – First Informations
आधिकारिक सूत्र की माने तों तहसील सदर मे केवल एक दर्जन से अधिक गोड़ जाति के लोग गोंड बनकर ( अनुसूचित जनजाती के प्रमाण पत्र बनवा कर ) लेखपाल के पद पर नौकरी कर रहे हैं तों एडिओ एसटी सहित ग्राम पंचायतो मे भी आधा दर्जन से अधिक गोड़ विरादरी के लोग गोंड बनकर नौकाती कर रहे हैं।
कइयों को चिन्हित कर चुका हैं फर्स्ट इनफार्मेशन, प्रत्यावेदन शेष
गोड़ विरादरी के द्वारा गोंड बनकर कर रहे अधिकांश लोगो तक फर्स्ट इनफार्मेशन्स पहुंच चुका हैं। गांव की रिहाइस खानदानी रसूख का डिटेल लेने के बाद, फर्स्ट इनफार्मेशन सीधे उच्च न्यायालय इलाहबाद के रास्ते मे हैं.
