सासाराम। बिहार के सासाराम मे राजनीती पर ओछी हरकत से काम करने का आरोप लगाने लगा हैं। राजद के टिकट पर सासाराम से उम्मीदवार सत्येन्द्र शाह को पुलिस ने 2004 के एक पुराने मामले मे उस समय गिरफ्तार किया हैं ज़ब वह नामांकन की ओर थे । पुलिस की इस कार्यवाही को मतदाता भाजपा के इशारे पर की गईं कार्यवाही मानती हुई विरोध मे हैं।
सत्येन्द्र शाह इसके पहले तीन बार विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं, उनकी पत्नी भी मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं, इसके पहले कभी पुलिस ने इस मामले मे सत्येन्द्र शाह से न तों कभी पूछताछ करी हैं और न ही कभी गिरफ्तार, नामांकन के दौरान अचानक पुलिस का वर्ष 2004 के मानले मे गिरफ्तार करने से जनता मे मे केंद्र मे बैठी भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी देखी जा रही हैं। ।
बहरहाल सत्येन्द्र साह की नामांकन के दौरान को घटना के 21 साल पूर्व के मामले मे उनकी आज की गिरफ्तारी को भाजपा की ओछी राजनीती का मतदाता हिस्सा मानते हुए सत्येन्द्र शाह के समर्थन मे देखे जा रहे हैं , मतदाताओ का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के विरोध मे उत्तरते देखा जा रहा हैं । उधर भाजपा के जिम्मेदारो का कहना हैं कि घटना कब,की किसके साथ, कौन हैं पीड़ित, और कौन हैं मुल्ज़िम, उसे जानकारी नहीं हैं। पुलिस की कार्यवाही से भाजपा का उससे दूर दूर तक वास्ता नहीं हैं, लोग भाजपा को बेवजह मामले में खींच रहे हैं। थ्रीड्स पर वायरल हैं वीडियो। वायरल फूटेज का एफआई समर्थन नही करती है
उधर सत्येन्द्र साह का प्रसाशन के स्समाने चिल्ला चिल्ला कर कहना की उनके द्वारा इसके पहले भी कई बार चुनाव लड़ा गया लेकिन इस केस के मामले में पूर्व में कभी पुलिस ने न तो कभी पूछ ताछ की और न ही कभी इस मामले में किसी प्रकार से जानकारी दी है
