मऊ | जिले के एक सरकारी इन्जिनियर की यौन शोषण में हुई गिरफ्तारी के बाद से भाजपा का खुद को नेता बता रहे लोगो के द्वारा यौन उत्पीडन की शिकार महिला के घर पर जाकर उसके ऊपर समझौते का नाजायज दबाव डालने की खबर है | उत्पीडित महिला का एक विडिओ वायरल हो रहा है | विडिओ में महिला ने जिले के एक एक ब्राह्मण, राजपूत और भूमिहार नेताओ का नाम लेकर उन पर दलाली का आरोप लगाया है | मामले में बीते दिनों जेई को पुलिस ने गिरफ्तार किया था |
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले के एक सरकारी कार्यालय के जेई को पुलिस ने यौन उत्पीडन के आरोप में गिरफ्तार किया था| जैसे ही वह गिरफ्तार हुआ भाजपा के ये तीनो नेता जो अंदर टेबल जेई से लिफाफा लेकर उसके संरक्षक बने थे, तुरंत उसके अपराध के बावजूद सक्रीय हो गए | भाजपा के ये तीनो नेता उत्पीडन किस शिकार उस महिला के घर जाकर उस पर नाजायज दबाव बनाते हुए आरोपित जेई से समझौते का दबाव बनाने लगे |
नेताओ के दबाव से उब कर जब महिला ने इनको डपटते हुए इन्हें मामले में दलाली करने से मना किया तो आक्रोशित हो गये और महिला के द्वारा मना करने के बावजूद दबाव डालने पर पुलिस को बुलाने की बात कहने पर “निडर” नेताओ ने कहा पुलिस को बुलाओ|बहरहाल इस मामले को लेकर अंदर खाने कुछ ठीक नही होने की भी खबर है तो वाही पर महिला का आरोपित जेई पर शादी करने या फिर जेल में रहने का प्रस्ताव भी लोगो की जुबान पर तर है | आरोपित महिला ने भाजपा के जिन नेताओ को दलाला न करने की चेतावनी देते हुए डपटा है उनका नाम सतोष सिंह , हिमांसु राय और कन्हैया दुबे है | उत्पीडित महिला की वायरल फूटेज ओ फर्स्ट इनफार्मेशन ने बतौर साक्ष्य रख लिया है|
वायरल फूटेज का फर्स्ट इनफार्मेशंस तस्दीक नही करता है
महिला उत्पीडन में दर्ज मामले में उत्पीडन की शिकार महिला के द्वारा भाजपा के तिन नेताओ पर दलाली का आरोप लगाने और न मानने पर घर पर पुलिस बुलाने आदि को लेकर वायरल फूटेज का फर्स्ट इनफार्मेशंस न तो समर्थन करता है और न ही उसको प्रमाणिक मानता है |
न्यायहित में वायरल फूटेज की जाँच कर कार्यवाही
वायरल फूटेज को लेकर पुलिस को मामले की जाँच कर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि मामला महिला के यौन उत्पीडन का है और भाजपा के नेताओ की प्रतिष्ठा का भी ऐसे में पुलिस को वायरल फूटेज की जाँच भी न्याय हित में चाहिए | वायरल फूटेज से दोनों की प्रतिष्ठा घायल होती है |
शादी का वादा तोडना हमेशा बलात्कार नहीं होता –
माननीय सर्वोच न्यायलय ने जसपाल सिंह कॉरल बनाम दिल्ली में कहा है कि आपसी सहमती से बना सम्बन्ध भले ही उसके बाद विवाह के वादे का उल्लंघन किया गया हो वह बलात्कार नहीं माना जायेगा जब तक कि यह साबित न हो जाए की वादा शुरू से ही झूठा था |
