मऊ | १५ फिट चौड़े इमिलिया चांदमारी रोड पर मुख्य अग्नि समन अधिकारी के द्वारा नेशनल बिल्डिंग कॉड २००५ और माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंड पीठ में जनकल्याण सेवा समिति के द्वारा वर्ष २००५ में योजित याचिका संख्या ५६९६ (एम् बी ) /२००५ में पारित आदेश और इसी आदेस के बाद बने शासना देस का उलंघन कर दी गई अनापत्ति प्रमाण पत्र की बदौलत संचालित फातिमा हॉस्पिटल पर शुक्रवार को एक विवाहिता की इलाज के दौरान मौत के बाद गलत इलाज करने का लगा आरोप पहला नहीं है | इसके पहले भी एक नवजात की मौत के बाद हॉस्पिटल पर इस तरह का आरोप लग चुका है |
पेशे से अधिवक्ता विवेक सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया की फातिमा हॉस्पिटल में गलत इलाज के कारण वे अपना भतीजा खो चुके है | उन्होंने जब हॉस्पिटल प्रबंधन की करतूतों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की तो उन्होंने शिकायत को गलत पाते हुए हॉस्पिटल के चिकित्सको को क्लीन चीट दे दिया | सीएम ओ के कार्यशैली से विवेक सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है | उन्होंने कहा की हॉस्पिटल प्रबंधन और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के साथ पुलिस महकमे का भी अन्दर खाने गठजोड़ है , जिसके कारण हॉस्पिटल और उसके चिकित्सको के खिलाफ शिकायतों की जाँच सही से नहीं की जाती है |
इलाज की बैधता की पुलिस कर रही जाँच
अधिवक्ता ने भतीजे की मौत के बाद हॉस्पिटल के खिलाफ अदालत में मुकदमा कर रखा हैं। पारित आदेश के अनुसार पुलिस अधिवक्ता के भतीजे के इलाज में, इस्तेमाल दवाओं की उपयोगिता और मृत्यु के कारणों की जाँच कर रही हैं।
हॉस्पिटल भवन का उपलब्ध क़ानून से नहीँ किया मिलान, जारी कर दिया अग्नि समन की एनओसी
भौतिक सत्यापन और उपलब्ध क़ानून की नजर में हॉस्पिटल का 15 फिट चौड़े मार्ग पर मौजूदगी, इलाज के लिए बने वार्डो के चारो तरफ अग्नि समन के वाहनों के प्रवेश और घुमाव के स्थान का आभाव नियम विरुद्ध पार्किंग ब्यवस्था हॉस्पिटल को पहली नजर में अबैध होने का खुलासा करता हैं। मजे की बात हैं कि अग्नि समन विभाग द्वारा हॉस्पिटल भवन के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड और याचिका संख्या 5696(एमबी)/ 2005 में पारित आदेश और इससे संबंधित शासनादेश के साथ हॉस्पिटल के भवन और सेट बैक नहीँ देखा गया, और अग्नि समन का अनापत्ति प्रमाण पात्र जारी कर दिया गया।
रास्ते पर बे तरतीब खड़े वाहन से राहगीरों को परेशानी
उधर हॉस्पिटल क्षेत्र के निवासियों का कहना हैं कि हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा निर्मित पार्किंग स्थल अविधिपूर्ण होने और वाहनो के पार्किंग करने पर बतौर शुल्क बड़ी रकम वसूलने के कारण हॉस्पिटल में इलाज़बको आये मरीजों और उनके तिमारदारो के दो पहिया और चार पहिया वाहन 15 फिट चौड़े रास्ते पर ही बे तरतिब खड़े किये जाने के कारण रास्ते होकर गुजरना बड़ी समस्या हैं।
क़ानून निर्माण से पहले का हैं हॉस्पिटल भवन का निर्माण : हॉस्पिटल प्रबंधन
हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना हैं कि हॉस्पिटल का भवन संबंधित क़ानून के निर्माण से पहले का निर्मित हैं, 2005 में बने क़ानून के अनुसार अब निर्माण सम्भव नहीँ हैं.. उपलब्ध क़ानून के पालन पर कभी प्रशासन ने जोर भी नहीँ दिया जिससे हॉस्पिटल के भवन में मूल संशोधन नहीँ कराया गया.।
किया उचित इलाज, गलत इलाज का आरोप बेबुनियाद
हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना हैं कि जहा तक गलत इलाज करने का हॉस्पिटल पर आरोप लगाया जा रहा हैं, वह पूरी तरह से बेबुनियाद और तथ्यहींन हैं। अधिवक्ता के भतीजे का इलाज मर्ज को देखते हुए उचित किया गया हैं.
