दाैसा। लालसोट क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म और हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। एडीजे ऋतु चौधरी ने शुक्रवार को सजा का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को अदालत ने सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत के अनुसार, 23 अप्रैल 2022 को जयपुर निवासी महिला अपने पीहर आ रही थी। वह बस स्टैंड पर उतरकर पैदल घर की ओर जा रही थी। उसी समय एक 14 वर्षीय नाबालिग भी उसी दिशा में जा रहा था।
इसी दौरान संजू मीणा (23) और कालू मीणा (27) कार में वहां पहुंचे और दोनों को लिफ्ट देने के बहाने कार में बिठा लिया। नाबालिग आरोपी गांव का ही रहने वाला था। रास्ते में नाबालिग का घर आने पर उसे उतार दिया गया, जबकि महिला को आगे छोड़ने का आश्वासन देकर कार में बिठाए रखा।
आरोपी महिला को करीब पांच किलोमीटर दूर एक गांव के सुनसान नदी क्षेत्र में ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद आरोपियों ने महिला के जेवर और नकदी भी लूट ली। महिला द्वारा घरवालों को घटना बताने की बात कहने पर आरोपियों ने स्कॉर्फ से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जलाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं होने पर दूसरे गांव में स्थित एक कुएं में शव फेंक दिया।
महिला के पीहर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना सोशल मीडिया और पुलिस को दी। सोशल मीडिया पर फोटो देखकर कार में साथ गया नाबालिग चौंक गया और उसने अपने पिता को बताया कि वह महिला उसी कार में उसके साथ थी। उसने कार सवारों की पहचान भी बताई। नाबालिग के पिता ने महिला के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
24 अप्रैल 2022 की देर शाम पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर महिला का शव कुएं से बरामद किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 45 गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी गवाहों ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए। नाबालिग गवाह की गवाही मामले में अहम साबित हुई। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को रेप और हत्या का अपराध सिद्ध मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया।
