गुमला।जिले के रायडीह थाना क्षेत्र के सिलम पंचायत में रविवार देर शाम हुए गणेश सिंह उर्फ गुड़ा सिंह हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस वारदात को जमीन विवाद और सुपारी से जुड़ा बताते हुए मृतक की चाची सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी चैनपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ललित मीणा ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि रायडीह थाना अन्तर्गत ग्राम सिलम के अहरा डांड़खेल मैदान के समीप में रविवार की देर शाम सिलम निवासी गणेश सिंह उर्फ गुड़ा सिंह की टांगी से वार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गणेश सिंह गुमला में शौर्य जुलूस में शामिल होने के बाद देर शाम लौटा था और अपनी प्रेमिका को पानंदटोली छोड़ने गया था। लौटते समय पहले से घात लगाए अपराधियों ने उसे रोककर हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गुमला के निर्देश पर एसडीपीओ चैनपुर ललित मीणा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। दल ने तकनीकी शाखा की मदद ली और भौतिक रूप से जांच की।
उन्होंने कहा कि लगातार छापामारी के दौरान पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले तीन फरार आरोपितों पंकज कुमार पाठक (30), परवल सिंह (50) और सुन्ती देवी (35) को ग्रिफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि मृतक गणेश सिंह उर्फ गुड़ा का कोई नहीं था। वह घर में इकलौता था। गणेश सिंह की रिश्ते की चाची सुन्ती देवी उसकी पैतृक जमीन पर कब्जा करना चाहती थी। सुन्ती देवी ने इस मकसद को पूरा करने के लिए गांव के ही परवल सिंह और पंकज कुमार पाठक को गणेश सिंह की हत्या की सुपारी दी। हत्या के एवज में एक लाख रुपये देने की सहमति बनी जिसमें से सुन्ती देवी ने एडवांस के तौर पर 40 हजार रुपये दिए थे। योजना के अनुसार पंकज पाठक गणेश को पीने-खाने के बहाने अहरा डांड़ ले गया जहां परवल सिंह पहले से मौजूद था। मौका पाकर दोनों ने टांगी से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टांगी, 4 मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त करीब 7 फीट तार, एक स्कूटी जब्त की है। उन्होंने बताया कि अभियुक्त परवल सिंह रायडीह थाना का दागी अपराधी है जिसका पूर्व में आर्म्स एक्ट और लूट जैसे आपराधिक मामलों में जेल जाने का इतिहास रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
