रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मिट्टी के बर्तन बेचकर रोजी-रोटी कमा रहे एक कुम्हार को बिहार से एक करोड़ जीएसटी टैक्स जमा करने की नोटिस मिली है। नाेटिस से परेशान कुम्हार के परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने जांच कर न्याय की मांग की है।
रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार निवासी मोहम्मद शाहिद पुश्तैनी पेशे से कुम्हार हैं। वे मिट्टी से कुल्हड़, मटके, दीये, खिलौने आदि बनाकर मेहनत-मजदूरी से जीवनया पन करते हैं. उनका कोई बड़ा कारोबार, पार्टनरशिप या फैक्ट्री नहीं है। गुरुवार को उन्हें केंद्रीय माल एवं सेवा कर (एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, वैशाली प्रभा मंडल हाजीपुर (बिहार) से जारी एक नोटिस मिला, जिसके अनुसार शाहिद के नाम पर बिहार के सीवान में ‘भारत एंटरप्राइजेज’ नाम की फर्म GST में रजिस्टर्ड है, जिसके जरिए 2022-23 और 2023-24 में करोड़ों का टैक्स बकाया है जो कुल 1 कराेड़ 25 हजार 297 रुपए होता है। शाहिद ने अधिकारियों से गुहार लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
शाहिद ने बताया कि वह तो पढ़े-लिखे भी नहीं है, उनके पैन कार्ड का किसी ने गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस मामले में अभी स्थानीय जीएसटी अधिकारियों की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा के अनुसार शिकायत मिलने पर जांच कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
