लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की महानगर थाना पुलिस ने शुक्रवार काे तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी जोरी करते हैं। पुलिस ने लगभग चार करोड़ 70 रुपये से अधिक का फर्जी लेनदेन का खुलासा और करीब 37 लाख रुपये की कर चोरी उजागर किया है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अपराध एवं साइबर अपराध कमलेश दीक्षित ने शुक्रवार को बताया कि उपायुक्त राज्यकर अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी ने 3 नवंबर 2025 को फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। महानगर थाना पुलिस ने सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से तीन अभियुक्त पारा के सलेमपुर पतौरा निवासी दीपक कुमार, बादरखेड़ा बुद्धेश्वर निवासी प्रशांत तिवारी और हरदोई जिले के जाजमऊ संडीला निवासी कैलाश मौर्या को गिरफ्तार किया है। दीपक शातिर अपराधी है और वह 2019 में एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पूछताछ में पता चला है कि ये लोग फर्म बनाकर दूसरों को देते हैं। इसमें बड़ी मात्रा में पंजाब के व्यापारी ने इन बोगस फर्मां से लेनदेन करके करोड़ों रुपये का ट्रांस्जेशन दिखाकर जीएसटी चोरी की गई है।
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य जरुरतमंद लोगों को 10 से 15 हजार रुपये देकर उनके आधार, पैनकार्ड, बैंक खाता समेत जरूरत के दस्तावेज ले लेते हैं। गिरोह के लोगों ने बोगस फर्मां का रजिस्ट्रेशन कर आईटीसी फ्रॉड लगभग 37 लाख रुपये की कर चोरी उजागर हुआ है। पुलिस ने कई फर्जी फर्मां को खुलासा किया है। वहीं, इन फर्मां में इनवॉल्व अन्य फर्मां को लेकर जांच चल रही है। जांच में जो भी सामने बोगस फर्म आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें मामले की जांच में लगी हुई है।
