मऊ | साइबर और एंटी ह्युमन ट्रैफिकिंग के अपराधो को छोड़ कर जिले में बीते जनवरी माह में रोज ७ अपराधिक घटनाये पुलिस के यूपी काप एप पर पंजीकृत किये जाने की खबर है | सबसे अधिक घटनाओ के पंजीयन में तुलना किया जाए तो थाना सरायलखंसी ४४ घटनाये पंजीकृत कर पहले स्थान पर है तो थाना कोपागंज ४१ अपराध पंजीकृत कर दुसरे स्थान पर तो कुल घटनाये पंजीकृत कर कोतवाली मऊ तीसरे स्थान पर है | जिले में कुल २४० घटनाये पंजीकृत हुई है |
यूपी काप के अनुसार थाना सरायलखंसी में ४४ कोतवाली में ३६ दक्षिण टोला में १३ तो मधुबन में ३२ रामपुर में १० तो घोसी में ३५ तो दोहरीघाट में २३ तो क्पगंज में ४१ महिला थाना में ०१ तो चिरियाकोट में ०५ घटनाये पंजीकृत हुई है | इस प्रकार जिले के कुल १० थाना क्षेत्रो में २४० घ्छोती बड़ी घटनाये पंजीकृत हुई है | इन घटनाओ के आरोपियों के प्रति पुलिस ने कौन सी कार्यवाही की है ? की जानकारी फर्स्ट इनफार्मेशंस को नहीं है | दर्ज अपराधो में कितने अपराधो की सूचना झूठी निकली है और झूठे केस दर्ज करने वालो के प्रति पुलिस ने कौन सी कार्यवाही की है ? की भी जानकारी फर्स्ट इनफार्मेशंस के पास नही है |
चर्चाओ में है यौन उत्पीडन के २ मामलो में दर्ज कुल ३ केस में २ में हुई कार्यवाही
थाना सरायलखंसी में दर्ज यौन उत्पीडन आदि के कुल ३ घटनाओ में पुलिसिया कार्यवाही हफ्तों बाद भी लोगो की जुबान पर है | लोगो का मानना है कि पुलिस ने जहा सरकारी दफ्तर में तैनात महिला के द्वारा दफ्तर में तैनात जेई परयौन उत्पीडन के दर्ज कराये गए केस में पुलिस ने जहा जेई को गिरफ्तार के जेल भेज दिया तो व्ही पर उसी महिला के द्वारा इस मुकदमे को वापस को लेने के लिए उसके उपर डाले गए नाजायज दबाव और धमकी के मामले में आरोपियों पर आज तक नही की गई कार्यवाही तो वाही पर फातिमा हॉस्पिटल के ब्यवस्थापिका आदि के उपर लगे आरोप को पंजीकृत होने के बावजूद आज तक की कार्यवाहिया लोगो में सवाल बनी हुई है |
