कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार ने वर्ष 2026 के प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी नेतृत्व से प्रत्याशी बनाए जाने का आवेदन किया है। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी को अपना जीवनवृत्त सौंपा है।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मुझसे पुरानी कार्यकर्ता हैं। मैं सांसद और विधायक बना। उनकी भी विधायक बनने की इच्छा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट देने या न देने का निर्णय पूरी तरह से पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई है और संगठनात्मक परंपरा के अनुरूप अपना जीवनवृत्त नेतृत्व को सौंप रहे हैं। दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी में हजारों कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया है। कोई भी आवेदन कर सकता है। किसे कहां से चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, यह निर्णय पार्टी ही करेगी।
राजनीतिक हलकों में इस कदम को पार्टी नेतृत्व के प्रति एक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। रिंकू मजूमदार पिछले एक दशक से अधिक समय से भाजपा से जुड़ी हुई हैं और वर्तमान में पार्टी के महिला मोर्चा में दायित्व निभा रही हैं।
दिलीप घोष वर्ष 2016 में खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे और वर्ष 2019 में मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें बर्धमान–दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्हें तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।
हाल के समय में दिलीप घोष पुनः राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें स्वयं भी मैदान में उतारा जा सकता है।
