नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने फिल्म अभिनेत्री काजोल देवगन से जुड़े किसी भी कंटेंट का बिना अनुमति इस्तेमाल करने पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि काजोल देवगन के व्यक्तित्व से जुड़े एआई और डीफफेक तकनीक का इस्तेमाल कर बनाए गए किसी भी कंटेंट के दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने विभिन्न प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वो अभिनेत्री से जुड़े पोर्नोग्राफिक और अश्लील सामग्री को हटाएं।
सुनवाई के दौरान काजोल की ओर से वकील प्रवीण आनंद पेश हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि डीफफेक, आवाज की नकल और दूसरे विजुअल के जरिये न केवल व्यक्तित्व के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि ये गरिमा और निजता के अधिकारों का भी उल्लंघन कर रहे हैं। हालांकि, उच्च न्यायालय ने कहा कि व्यंग्य, कलात्मक अभिव्यक्ति, कमेंट्री और न्यूज रिपोर्टिंग इससे अलग हैं।
उच्च न्यायालय ने इसके पहले फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।
