प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर नगर की सीसामऊ सीट से पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ एक आपराधिक मामले में कानपुर नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में लम्बित मुकदमे में कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साेमवार काेन्यायमूर्ति समीर जैन ने इरफ़ान सोलंकी की याचिका पर यह आदेश दिया है।
याचिका में आरोप पत्र और समन आदेश सहित कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। इस मामले में वर्ष 2022 में आईपीसी की धारा 386 (मौत या गंभीर चोट के डर से जबरन वसूली) और अन्य धाराओं के तहत कानपुर नगर के जाजमऊ थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि इरफान सोलंकी और सह आरओपित रिजवान सोलंकी ने कुछ गरीब व्यक्तियों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और सूचनाकर्ता अकील अहमद से 10 लाख रुपये और दस प्रतिशत विधायक टैक्स की मांग की है।
इसके जवाब में सोलंकी ने काेर्ट काे बताया कि वह निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक दुश्मनी के कारण झूठा फंसाया गया है। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवम्बर की तारीख निर्धारित की और तब तक मुकदमें की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
