भरतपुर,। जिले के बयाना थाना क्षेत्र में साेमवार को जमीनी विवाद को लेकर तनावपूर्ण हालात बन गए। विवाद के चलते ग्रामीणों ने बयाना-भरतपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे दो युवकों को सड़क से हटाने की कोशिश की, तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना भीमनगर तिराहे की बताई जा रही है। पथराव इतना तीव्र था कि राहगीरों ने पास की दुकानों में घुसकर खुद को बचाया। इस घटना में सीओ कृष्ण राज जांगिड़ और सदर थाना पुलिस की गाड़ियों के शीशे टूट गए।
सीओ कृष्ण राज जांगिड़ ने बताया कि गढ़ी बाजना थाना क्षेत्र के गुर्धा गांव में रास्ते की जमीन को लेकर दो पक्षों सियाराम गुर्जर व भरत सिंह गुर्जर तथा महाराज सिंह व बृजेंद्र जाटव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा रखी है।
पुलिस ने पहले ही दोनों पक्षों को एसडीएम कोर्ट से पाबंद कराया था ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। लेकिन मुकदमे में कार्रवाई की मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने भीमनगर तिराहे पर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जाम की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत, सीओ कृष्ण राज जांगिड़, नायब तहसीलदार वैशाली धाकड़, राजस्व निरीक्षक आशीष सारस्वत, सुमरन सिंह, कमल सौंकिया और पटवारी मोहित कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश दे रहे थे, तभी कुछ लोग उत्तेजित हो गए और पुलिस पर पथराव करने लगे।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। दोनों ओर से हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई वाहनों के शीशे टूट गए।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बयाना, सदर, गढ़ी बाजना और भुसावर सर्किल से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। मौके पर क्यूआरटी टीम और जाब्ता तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की पुनः अशांति न हो। एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत ने बताया कि पुलिस अब हमलावर ग्रामीणों की पहचान कर रही है। सभी को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है।
