मामला- कल्पनाथ राय मेडिकल कालेज कसारा की रंगाई पोताई के दौरान चौथी मंजिल से गिरकर शिवनाथ की हुई मौत का
मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट अजय कुमार श्रीवास्तव ने शान्ति देवी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जिलापंचायत अध्यक्ष मनोज राय और कल्पनाथ राय मेडिकल कालेज कसारा के संचालक मनीष राय सहित 6 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध रंगाई पोताई के दौरान चौथी मंजिल से गिरकर शिवनाथ की हुई मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक थाना कोपागंज को दिया। साथही एफआईआर की प्रति तत्काल न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र के कल्पनाथ राय मेडिकल कालेज कसारा का है।
मामले के अनुसार हलधरपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर रतोही गांव निवासी शान्ति देवी पत्नी स्व० शिवनाथ ने विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट मे धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें मनीष राय संचालक- कल्पनाथ राय मेडिकल कालेज कसारा, जिलापंचायत अध्यक्ष मनोज राय और अखिलेश राय पुत्रगण प्रकाशचन्द राय निवासीगण सहरोज, थाना कोपागंज, हाल मुकाम सहादतपुरा, मऊ, सर्वेश राय पुत्र बृजनाथ राय निवासी- सहरोज, गुड्डू राय निवासी ग्राम- कसारा, थाना- कोपागंज, योगेन्द्र कुमार पुत्र स्व० बुद्धिराम निवासी- देईथान, इन्दारा तथा दो-तीन अन्य नाम पता अज्ञात को आरोपी बनाया।
वादिनी का कथन है कि दिनांक 18 जुलाई 2025 को उसका पति विपक्षीगण के कॉलेज में रंगाई-पुताई कर रहा था। उसके पति ने कॉलेज के संचालक / प्रबंधक से पुताई करने के पूर्व कहा कि उक्त मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग बहुत ऊँची है और कोई जीवन की सुरक्षा का उपाय नहीं है, वह पुताई नहीं कर सकता, परन्तु विपक्षीगण के डांटने व धमकाने के कारण उसका पति मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग की रंगाई-पोताई करने लगा। शाम को 03.30 बजे मेडिकल कालेज के चौथे फ्लोर से गिर पड़ा और उसको गम्भीर चोट लगी, सदर अस्पताल जाते समय उसकी मृत्यु हो गयी। मामले में एफआईआर दर्ज कराकर विवेचना कराये जाने का अनुरोध किया।
प्रार्थना पत्र पर वादिनी के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश मे लिखा कि थाना की रिपोर्ट में लिखा है कि ‘ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतक की मृत्यु का कारण Shock and Due to A.M. cardiac arest होना बताया गया है। इस घटना में आवेदिकि के पति मृतक शिवनाथ की असामान्य परिस्थित्तियों में मृत्यु हुई हैं। आवेदिका का कथन है कि विपक्षीगणों की घोर लापरवाही व उपेक्षा के कारण उसके पति मृतक शिवनाथ की मृत्यु हुई है।
इन समस्त तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में यह समीचीन प्रतीत हो रहा है कि मामले में विधिपूर्ण विवेचना कराया जाये, ताकि साक्ष्यों के संकलन के आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सके। विशेष न्यायाधीश ने आवेदिका का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी कोपागंज को प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विधिपूर्ण अन्वेषण करने का आदेश दिया। साथही प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति तत्काल न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
