पिछड़ी जाति में आने वाले गोड़ बिरादरी के अधिकांश लोगों द्वारा अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरियां करने के मामले में, मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था सरकार से अदालतों में लड़ाई लड़ रही है।
संस्था के पैरवीकर्ता, महराजगंज जिले के निवासी नागेंद्र पांडे के घर को कल मंगलवार की बिती रात अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाण पत्र धारकों ने सैकड़ों की संख्या में घेर लिया। इस दौरान, फर्जी प्रमाण पत्र धारकों ने श्री पांडे को गालियाँ और जान से मारने की धमकियाँ दीं।
श्री पांडे द्वारा संस्था के प्रमुख वी.बी चौधरी के साथ जिले के आला अधिकारीओं को सूचना दी गई, सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमले के साथ पहुँची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
संस्था के प्रमुख वी.बी चौधरी ने जिले के आला अधिकारीओं से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने को आवेदन किया।
फिलहाल पुलिस मौके पर पहुँचे फर्जी प्रमाण पत्र धारकों के विरुद्ध प्रिवेंटिव पावर (निरोघात्मक कार्रवाई) कर रही है।
मऊ जनपद मे भी ये फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे लोग
जनपद मऊ मे भी फर्जी जाती प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे लोगों को संरक्षण दे रही अखिल भारतवर्षीय गोड़ महासभा के द्वारा मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के अधिवक्ता ब्रह्मा नन्द पाण्डेय के खिलाफ भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारको द्वारा अबैध मुकदमो मे फसाये जाने की निरंतर धमकियाँ दी जा रही हैं। ब्रह्मा नन्द पाण्डेय माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अधिवक्ता है।



