नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए आईएसआईएस से जुड़े एक इंटरस्टेट मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दिल्ली और मध्य प्रदेश के भोपाल में एक साथ हुई छापेमारी में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह मॉड्यूल आगामी त्योहारों के दौरान दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकी हमला करने की योजना बना रहा था।
पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सादिक नगर, दिल्ली निवासीमोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब (19) और करोंद, भोपाल निवासी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद (20) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक की देखरेख में की।
उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी मोहम्मद अदनान ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने आईएसआईएस के मौजूदा खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति बैयत (निष्ठा की शपथ) ली थी। यह शपथ उसने सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी के निर्देश पर ली थी और इसका वीडियो आईएसआईएस की पोशाक में रिकॉर्ड कर भेजा गया था। दोनों आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कट्टरपंथी वीडियो एडिट कर युवाओं को बरगलाने और भर्ती करने का काम करते थे। ये लोग इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब पर कई बार बैन होने के बावजूद नए चैनल बनाकर कटरपंथी सामग्री फैलाते रहे है।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित न केवल ऑनलाइन प्रचार-प्रसार कर रहे थे, बल्कि अब इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने की दिशा में सक्रिय थे। उनके पास से टाइमर क्लॉक, आईएसआईएस का झंडा, आईईडी बनाने की मैनुअल, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। स्पेशल सेल की समय रहते कार्रवाई से दिल्ली में त्योहारों के दौरान संभावित आतंकी हमले की साजिश नाकाम हुई है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि भोपाल निवासी अदनान खान के पिता सलाम कई प्राइवेट फर्मों में अकाउंटेंट का काम करते हैं और उनकी मां पार्ट-टाइम एक्ट्रेस हैं। आरोपित ने भोपाल से 12वीं कक्षा पढ़ाई पूरी की और अभी भोपाल के ईदगाह में एक व्यक्ति की मेंटरशिप में चार्टर्ड अकाउंटेंसी कर रहा है। आरोपित ने 6 से 10 साल की उम्र के बीच मदरसा में पढ़ाई की। आरोपित को 2024 में यूपी एटीएस ने यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। उसने उस समय सोशल मीडिया पर एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को धमकी भरी पोस्ट डाली थी, जब न्यायालय ने ज्ञानवापी मामले में वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था। जमानत मिलने के बाद वह दोबारा ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया था।
दिल्ली का मोहम्मद अदनान खान मूल रूप से एटा (उप्र) का रहने वाला है। उसके पिता दूरदर्शन में ड्राइवर हैं और उसकी मां अंजुम खान हाउस वाइफ हैं। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उसने एटा में पढ़ाई की और 10वीं क्लास पूरी की। 2022 में पिता के ट्रांसफर के बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। मोहम्मद अदनान ने दिल्ली में फिर से पढ़ाई शुरू करने की कोशिश की लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाया। बाद में उसने 2025 में डेटा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया। दिल्ली आने के बाद वह सोशल मीडिया पर आईएसआईएस समर्थक पेजों से जुड़ गया और कट्टरपंथी विचारधारा की तरफ झुक गया।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार विग 16 अक्टूबर को दिल्ली के सादिक नगर में छापेमारी के दौरान स्पेशल सेल ने मोहम्मद अदनान को दबोचा। पूछताछ में उसने भोपाल के साथी अदनान का नाम बताया। इसके बाद 18 अक्टूबर को भोपाल एटीएस की मदद से करोंद इलाके से अदनान खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपितों ने पूछताछ में यह कबूल किया कि वे सीरिया स्थित आईएसआईएस हैंडलर के संपर्क में थे और भारत में युवाओं को आतंक के रास्ते पर ले जाने का अभियान चला रहे थे।
