चंपावत। चम्पावत जिले में दीपावली से ठीक पहले एक 12 से अधिक अतिथि शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। स्थायी एलटी शिक्षकों की नियुक्ति के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे इन शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। यदि इन्हें समय रहते अन्य विद्यालयों में समायोजित नहीं किया गया, तो इनकी सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को चम्पावत जिले के गोली राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से चतुर राम, सिंगदा से प्रमोद परगांई, निलोटी से नेहा, मंच जीआईसी से आभा जोशी और बापरू से राखी गहतोड़ी सहित कई शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया है। इन सभी शिक्षकों ने वर्षों तक अपने-अपने विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं दी थीं। दीपावली जैसे पर्व से पहले नौकरी छूटने से उनके सामने आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है।
इस घटनाक्रम से जिलेभर के अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है। माध्यमिक अतिथि शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चंचल सिंह कुंवर और जिला सचिव नीरज जोशी के नेतृत्व में शिक्षकों ने दो दिन पहले मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में स्थायी नियुक्तियों से प्रभावित शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित करने की मांग की गई थी।
उल्लेखनीय है कि 14 अक्टूबर को देहरादून में 1347 एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए थे। उस समय सरकार ने स्पष्ट किया था कि नई नियुक्तियों का अतिथि शिक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनकी सेवाएं सुरक्षित रहेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 अक्टूबर को चम्पावत में आयोजित एक कार्यक्रम में भी इस बात को दोहराया था।
हालांकि, सरकारी आश्वासनों के बावजूद जिले के लगभग 17 अतिथि शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने से अब सवाल उठ रहे हैं। प्रभावित शिक्षक अब अपने पुन: समायोजन की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
